एप्लिकेशन मॉडर्नाइज़ेशन

पुराने एप्लिकेशन को आधुनिक, आसानी से मेंटेन होने वाले, क्लाउड-रेडी प्लेटफ़ॉर्म पर ले जाएँ।

संक्षेप में

एप्लिकेशन मॉडर्नाइज़ेशन क्या है?

पुराने एप्लिकेशन आज भी बिज़नेस चलाते हैं — और आज भी उसे रोके रखते हैं। हम चरणों में आधुनिक बनाते हैं, ऑपरेशन चालू रखते हुए वह बदलते हैं जो नाज़ुक है, धीमा है या जिसके लिए लोग मिलते ही नहीं।

A Plus Solution मुंबई से पूरे भारत के बिज़नेस को एप्लिकेशन मॉडर्नाइज़ेशन की सर्विस देती है: पुराने सिस्टम का ऑडिट, टार्गेट आर्किटेक्चर और रोडमैप, चरणबद्ध रीबिल्ड या री-प्लेटफ़ॉर्म और बहुत कुछ।

आपको क्या मिलता है
/01

पहले आकलन

बदलाव सुझाने से पहले हम देखते हैं कि हर सिस्टम क्या करता है, कौन उस पर निर्भर है और उसे चलाए रखने में कितना ख़र्च आता है।

/02

क्रमिक माइग्रेशन

जोखिम भरे एक झटके वाले कट-ओवर की जगह मॉड्यूल-दर-मॉड्यूल बदलाव।

/03

आधुनिक आर्किटेक्चर

API, कंटेनर और मैनेज्ड डेटाबेस, जिन्हें आपका अगला डेवलपर पहचान सके।

/04

डेटा का सुरक्षित ट्रांसफ़र

रिकंसिलिएशन रिपोर्ट के साथ जाँचा हुआ माइग्रेशन, ताकि इस बदलाव में कुछ खोए नहीं।

आपको क्या मिलेगा

इसमें क्या शामिल है

  • पुराने सिस्टम का ऑडिट
  • टार्गेट आर्किटेक्चर और रोडमैप
  • चरणबद्ध रीबिल्ड या री-प्लेटफ़ॉर्म
  • डेटा माइग्रेशन और रिकंसिलिएशन
  • पैरेलल रन और कट-ओवर सपोर्ट
सवाल

एप्लिकेशन मॉडर्नाइज़ेशन — FAQ

क्या हमें सब कुछ दोबारा लिखना पड़ेगा?

शायद ही कभी। अक्सर सही तरीक़ा यह होता है कि कुछ हिस्से री-होस्ट किए जाएँ, कुछ पर API की परत चढ़ाई जाए और सिर्फ़ वही दोबारा लिखा जाए जो आपको रोक रहा है।

क्या डाउनटाइम होगा?

हम पैरेलल रनिंग और शेड्यूल्ड कट-ओवर की योजना बनाते हैं, ताकि रोज़ का काम चलता रहे।

डिजिटल ट्रांसफ़ॉर्मेशन की संबंधित सेवाएँ

मुफ़्त ऑटोमेशन ऑडिट पाएँ

हमें कोई एक प्रोसेस बताइए जो आपकी टीम का समय खा जाती है। हम बताएँगे कि क्या ऑटोमेट हो सकता है, मोटे तौर पर कैसे, और उससे कितनी बचत होगी।

रिक्वेस्ट भेजें →
एप्लिकेशन मॉडर्नाइज़ेशन

आप जब कहें,
हम तैयार हैं।
बात करें।

बात करेंYash Parikh से
+91 99208 98972
ईमेलinfo@aplusolution.in
स्टूडियोA-1304, Naman Premier, Military Road,
Andheri East, Mumbai 400059
सोशल